अंकिता के तीनों हत्यारोपियों की कोर्ट ने तीन दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर की है। आरोपियों को शुक्रवार को पौड़ी जेल से पूछताछ के लिए लाया जाएगा। एसआईटी ने आरोपियों को घटनास्थल भी लेकर जाएगी। उधर, बृहस्पतिवार को बयान दर्ज कराने के लिए पुष्प भी लक्ष्मणझूला थाने पहुंचा। एसआईटी ने उसे गोपनीय जगह पर ले जाकर बयान दर्ज किए हैं। पुष्प ने अंकिता से दोस्ती होने से लेकर मौत तक की हर बात को पुलिस को बताया है। 
अंकिता हत्याकांड में एसआईटी पांच दिनों से जांच कर रही है। कई लोगों से पूछताछ और बयान दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें रिजॉर्ट के कर्मचारी, काम छोड़कर जा चुके कर्मचारी, पुष्प (फोन पर बातचीत) शामिल हैं। एसआईटी ने घटना की रात जो हुआ, इसे समझने के लिए कई घटनास्थल का मुआयना भी किया। रिजॉर्ट से भी बहुत से साक्ष्य लिए गए हैं। इन्हीं, सब कड़ियों को हत्याकांड से जोड़ने के लिए एसआईटी ने पुलकित, अंकित और सौरभ की तीन दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड मांगी थी। सुनवाई के लिए कोर्ट ने बृहस्पतिवार का दिन तय किया था। सूत्रों के अनुसार, कोर्ट ने तीनों आरोपियों की तीन दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर कर दी है। 
तीनों इस वक्त पौड़ी जेल में न्यायिक अभिरक्षा में बंद हैं। तीनों को एसआईटी शुक्रवार को जेल से ले सकती है। बताया जा रहा कि लोगों के गुस्से को देखते हुए पीसीआर होने वाली कार्रवाई को एसआईटी गोपनीय रखना चाहती है। इससे पहले भी आरोपियों के साथ लोग मारपीट कर चुके हैं। वाहनों पर भी हमला किया गया था। ऐसे में यदि पीसीआर की कार्रवाई गोपनीय रखी जाएगी, तो कानून व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी। एसआईटी आरोपियों को घटनास्थल पर भी लेकर जाएगी। हालांकि, कब आरोपियों को घटनास्थल ले जाया जाएगा और कहां पर पूछताछ होगी, इसके बारे में अधिकारी बयान नहीं दे रहे हैं। 
सुबह से शाम तक दर्ज हुए पुष्प के बयान 
मामले में अंकिता का दोस्त पुष्प दीप अहम गवाह माना जा रहा है। पुष्प बृहस्पतिवार को बयान दर्ज कराने के लिए लक्ष्मण झूला थाने पहुंचा था। यहां से एसआईटी के सदस्य उसे गोपनीय स्थान पर ले गए। वहां पर सुबह से शाम तक तमाम जानकारियां हासिल की गईं। पुलिस अफसरों के मुताबिक, यदि पुष्प मामले में आगे न बढ़ता तो बात कभी सामने न आ पाती। यदि आती थी तो पुलिस के लिए इसे सुलझाने में बहुत मुश्किलों को सामना करना पड़ता। पुष्प ही वह व्यक्ति है, जो इन आरोपियों से लगातार संपर्क कर रहा था। अंकिता ने भी उससे आपबीती कई बार बताई है। दोनों की चैट भी वायरल हुई हैं। 
ये है मामला
18 सितंबर को लापता हुई अंकिता का शव 24 सितंबर को चीला बैराज के पास मिला था। इससे पहले 23 सितंबर को पुलिस ने हत्या मानते हुए मुकदमा दर्ज कर लिया था। साथ ही भाजपा नेता विनोद आर्य के बेटे पुलकित, उसके रिजॉर्ट के दो मैनेजर सौरभ और अंकित को गिरफ्तार किया था। 24 सितंबर को ही मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई थी। आरोपियों को रिमांड पर लेने से पहले एसआईटी ने घटनास्थल, रिजार्ट का निरीक्षण करने के साथ ही परिजनों से जानकारी ली। रिजॉर्ट के कर्मचारियों से पूछताछ की और फोरेंसिक साक्ष्य जुटाए। 

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